40 Bible Verses About Healing Sickness In Hindi (With Commentary)

लेकिन उसने हमारी बीमारियों को अपने ऊपर ले लिया और हमारे दुखों को अपने अंदर धारण किया; हम उसे पिटाई हुई, और परमेश्वर द्वारा दुख उठाने वाला समझे गए। – यशायाह 53:4

Bible Verses About Healing Sickness In Hindi

सफाई और चंगा होना

हम सभी कभी न कभी बीमारी का सामना करते हैं, और यह एक कठिन समय हो सकता है। बाइबल हमें यह सिखाती है कि सफाई और चंगा होना सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य के लिए नहीं, बल्कि हमारे आत्मिक जीवन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब हम बीमार होते हैं, तो भगवान हमें याद दिलाते हैं कि हम केवल शारीरिक रूप से नहीं, बल्कि मन और आत्मा से भी स्वस्थ होना चाहते हैं। उनका प्रेम हमें हर स्थिति में चंगा कर सकता है। इस जवाबदेही को स्वीकार करना हमारे लिए प्रेरणादायक है। जीसस ने हमें दिखाया है कि वह हमारे साथ हैं, हमारे घावों और पीड़ा को अपने हाथों में लेते हैं। उनकी उपस्थिति हमें चंगा करने की शक्ति देती है।

याकूब 5:15

“और विश्वास के प्रार्थना, बीमार को चंगा करेगी; और प्रभु उसे उठाएगा; और यदि उसने पाप किए हैं, तो उसे क्षमा किया जाएगा।” – याकूब 5:15

आस्था 10:15

“और प्रभु ने कहा, मैं तुम्हें चंगा करूंगा। तुम्हारे सारे पापों को मैं तुम्हारे दूर करूंगा।” – यिर्मयाह 30:17

गिनती 21:9

“और मूसा ने एक कांटेदार सांप बना के उसे एक डंडे पर चढ़ा दिया; और जब कोई सांप द्वारा डसा जाता था, और उसे उस कांटेदार सांप पर देखते थे, तो वह जीवित होता था।” – गिनती 21:9

नियामक 7:14

“और उसने कहा, अपने लोगों का कोई अंश, अपना अपावन माने, इससे ये बात करें, क्योंकि मैं इसे चंगा करूँगा।” – 2 नीतिवचन 4:21

लूका 8:48

“और उसने कहा, बेटी, तुम्हारी विश्वास ने तुम्हें बचाया; शांति से जाओ और अपने रोग को छोड़ दो।” – लूका 8:48

दुआ और विश्वास

बाइबल हमें यह सिखाती है कि दुआ और विश्वास में चंगा होने की शक्ति है। जब हम पूरी श्रद्धा के साथ प्रार्थना करते हैं, तो हम भगवान के पास अपनी समस्याओं को लाते हैं और उन्हें सौंपते हैं। यह विश्वास का एक बड़ा कार्य है, जब हम अपने हृदय को दुआ में खोलते हैं, तो हम भगवान की करुणा को अपने जीवन में महसूस कर सकते हैं। यह न केवल हमें सशक्त बनाता है, बल्कि हम इस विश्वास के द्वारा अन्य लोगों को भी प्रेरित कर सकते हैं। हमारी सामूहिक प्रार्थनाएं, जब प्रेम और विश्वास से भरी होती हैं, तो चमत्कार का कारण बनती हैं।

मत्ती 21:22

“और तुम जो कुछ प्रार्थना करोगे, यदि विश्वास से मांगोगे, तो वह तुमको प्राप्त होगा।” – मत्ती 21:22

यूहन्ना 14:14

“यदि तुम मेरे नाम से मुझसे कुछ मांगोगे, तो मैं उसे करूंगा।” – यूहन्ना 14:14

फिलिप्पियों 4:6-7

“किसी बात की चिन्ता न करो, परन्तु हर बात में, प्रार्थना और निधन से, अपनी सब मांगें भगवान के सामने प्रस्तुत करो।” – फिलिप्पियों 4:6-7

याकूब 1:5

“यदि किसी में ज्ञान की कमी है, तो वह सबको उदारता से दे देता है, और उसे तिरस्कार नहीं करता।” – याकूब 1:5

मत्ती 7:7

“यहाँ माँग, तुमको दिया जाएगा; खोजो, तुम पाओगे; खटखटाओ, तुम्हारे लिए खोला जाएगा।” – मत्ती 7:7

प्रभु की चिकित्सा शक्ति

हमारे जीवन में प्रभु की चिकित्सा शक्ति का विश्वास रखना हमें ठीक होने की आशा देता है। जीसस ने यह दिखाया है कि उन्होंने हमें हमारे रोगों से मुक्ति देने और हमें जीवन देने के लिए अपनी शक्ति का उपयोग किया। जब हम प्रभु को अपने डॉक्टर के तौर पर मानते हैं, तो हमें एक नई आशा और जीवन मिलता है। प्रभु की चिकित्सा हम पर आ सकती है और हमारे जीवन को मधुरता से भर सकती है। हम हमेशा याद रख सकते हैं कि वह हमारे साथ है, चाहे हमारी परिस्थितियाँ कैसी भी हों।

यशायाह 53:5

“परंतु उसने हमारे रोगों के लिए पिटाई खाई, और हमारे अपराधों के लिए व्यथित हुआ; उसके कोड़े हमें चंगा करने के लिए थे।” – यशायाह 53:5

मत्ती 4:24

“और उसकी चर्चा पूरे सिरो दिसा में हुई, और उन्होंने सभी प्रकार की बीमारियों और कष्टों से उसे लाया था।” – मत्ती 4:24

लूका 5:31

“और यीशु ने उन पर उत्तर दिया, यह स्वास्थ्य के लिए पु़नित किया गया, मेरे योग्य के लिए नहीं.” – लूका 5:31

भजन संहिता 103:2-3

“हे मेरे मन, प्रभु का धन्यवाद कर; वह सब उनके भले कार्यों को मत भूल। वह तेरे सारे अपराधों को क्षमा करता है; वह तेरी सारी बीमारियों को चंगा करता है।” – भजन संहिता 103:2-3

मत्ती 8:17

“यह इसलिये हुआ कि वह जो भविष्यवक्ता से कहा गया, पूरा हो, ‘उसने हमारी निर्भीकियों को अपने ऊपर लिया और हमारे रोगों को अपने से रखा।” – मत्ती 8:17

धैर्य और सामर्थ्य

जब हम चिकित्सीय परीक्षा से गुजरते हैं, तो हमें धैर्य और सामर्थ्य की आवश्यकता होती है। बाइबल का यह संदेश हमें याद दिलाता है कि कठिनाइयों में विश्वास और संतुष्टि को बनाए रखना महत्वपूर्ण है। यह वैज्ञानिक साक्ष्य से भी जुड़ता है कि सकारात्मक दृष्टिकोण रखने से उपचार की प्रक्रिया तेज हो जाती है। हमें ये बात मानने की आवश्यकता है कि हम अकेले नहीं हैं, प्रभु हमारे साथ हैं। जब हम प्रेरित रहते हैं, तो हम अपनी परिस्थिति में तत्परता और आस्था के साथ सक्षम होते हैं।

रोमियों 5:3-4

“अवश्य, हम विपत्ति में भी आनन्दित होते हैं, क्योंकि हम जानते हैं कि विपत्ति धैर्य उत्पन्न करती है; धैर्य से चरित्र और चरित्र से आशा उत्पन्न होती है।” – रोमियों 5:3-4

2 कुरिन्थियों 4:16-18

“इसलिए हम कभी निराश नहीं होते; यद्यपि हमारा बाहरी आदमी नष्ट हो रहा है, परन्तु हमारा आंतरिक आदमी हर दिन नवजीवित होता है।” – 2 कुरिन्थियों 4:16-18

यशायाह 40:31

“किन्तु जो लोग प्रभु की प्रतीक्षा करते हैं, वे अपनी शक्ति को नया करेंगे; वे गरुड़ के समान उँचे उड़ेंगे; वे दौड़ेंगे और थकेंगे नहीं; वे चलेंगे और थकेंगे नहीं।” – यशायाह 40:31

भजन संहिता 27:14

“प्रभु पर धैर्य रख; उसका इंतज़ार कर; प्रभु पर भरोसा कर।” – भजन संहिता 27:14

रोमियों 8:28

“हम जानते हैं कि जो लोग भगवान से प्रेम करते हैं, उनके लिए सब बातें भलाई के लिए होती हैं।” – रोमियों 8:28

करणीय आशीर्वाद

हमें यह समझना चाहिए कि हमारे चंगा होने में केवल हमारे भौतिक स्वास्थ्य की बात नहीं होती, बल्कि यह हमारे आंतरिक शांति और संतोष से भी जुड़ा हुआ होता है। जब हम अपने जीवन में कराने के लिए खुलते हैं, तो हमें आशीर्वाद मिलते हैं। यह जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में हमें समृद्धता की ओर ले जाता है। भगवान की आशीषें हर दिन नई होती हैं, और जब हम उनके मार्ग पर चलते हैं, तो हम हर क्षेत्र में उनका अनुभव कर सकते हैं।

कुछ 10:30

“क्योंकि मैं तुम्हें अपना सुख दूंगा, और तुम्हारे लिए सुख की परिकल्पना करूंगा।” – यिर्मयाह 29:11

लूका 6:38

“जो कुछ तुम देते हो, वह तुम्हारे लिए वापस किया जाएगा, और तुम्हारे लिए मापे जाने का माप है।” – लूका 6:38

यशायाह 41:10

“मत भयभीत हो, क्योंकि मैं तुम्हारे साथ हूं; मत घबरा, क्योंकि मैं तुम्हारा भगवान हूं; मैं तुम्हें संभालूँगा और तुम्हें अपनी धर्मिता से संभालूंगा।” – यशायाह 41:10

फिलिप्पियों 4:19

“मेरे भगवान मेरी सारी आवश्यकताओं को अपनी धन का अमीरता के अनुसार पूरा करेगा।” – फिलिप्पियों 4:19

गिनती 6:24

“प्रभु तुम्हें आशीर्वाद दे, और तुम्हें रक्षा करे।” – गिनती 6:24

प्रभु की उपस्थिति

जब हम किसी कठिन समय से गुजर रहे होते हैं, तब हमें याद रखना चाहिए कि प्रभु की उपस्थिति हमारे साथ है। यह हमें आश्वासन देता है कि हम अकेले नहीं हैं। उनकी प्रेमभरी उपस्थिति में हम आत्मिक रूप से ताजगी और ऊर्जा पा सकते हैं। हम अपने डर और संदेह को उनकी उपस्थिति में छोड़ सकते हैं। जब हम उनकी उपस्थिति का महसुस करते हैं, तो हमें शक्ति और साहस मिलता है, जिससे हम कठिनाईयों का सामना कर सकते हैं।

भजन संहिता 23:4

“यदि मैं मौत की घाटी में भी चलूं, तो भी मैं बुराई से नहीं डरूँगा; क्योंकि तू मेरे साथ है।” – भजन संहिता 23:4

रोमियों 8:38-39

“क्योंकि मैं जानता हूँ, न मृत्यु, न जीवन, न स्वर्गदूत, न शासक, न वर्तमान, न भविष्य, न जो कर्ता हैं, न कोई और शक्ति” – रोमियों 8:38-39

मत्ती 28:20

“देखो, मैं संसार के अंत तक तुम्हारे साथ हूँ।” – मत्ती 28:20

भजन संहिता 46:1

“भगवान हमारी शरण और शक्ति है, संकट में अच्छी सहायता है।” – भजन संहिता 46:1

यूहन्ना 14:27

“मैं तुमसे शांति छोड़ता हूं, मेरी शांति तुम्हें देता हूं; देखो, जैसी दुनिया देती है, वैसी नहीं।” – यूहन्ना 14:27

Final Thoughts

चंगा होने का अनुभव एक यात्रा है, जिससे हम सभी गुजरते हैं। हम यह मानते हैं कि प्रभु का प्रेम और उनकी शक्ति हमें हर कठिनाई से उबार सकती है। यह सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य की बात नहीं है, बल्कि आध्यात्मिक और भावनात्मक स्वास्थ्य भी महत्वपूर्ण हैं। जब हम दुआ और विश्वास करते हैं, तब हमें उनकी उपस्थिति में शांति मिलती है। हमें हमेशा याद रखना चाहिए कि हम अकेले नहीं हैं। और जब भी हमें आवश्यकता हो, हम भगवान की चंगाई के लिए उनसे मदद मांग सकते हैं। उनके वफादार प्रेम और आशीर्वाद हमें हर रोज चंगा कर सकते हैं। हमें विश्वास करना चाहिए कि चंगाई हमारे लिए वहां है, हमें बस अपनी दिल की पुकार सुनानी है।

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